शुभ अमृत · शुभ · लाभ · चर
अशुभ उद्वेग · काल · रोग
| # | समय | चौघड़िया | स्वामी | विशेष |
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सूर्योदय-सूर्यास्त तथा सूर्यास्त-अगली सूर्योदय के आठ-आठ समान भाग · स्वामी-क्रम खल्दी-अनुक्रम (Chaldean)
सात चौघड़ियाँ और उनके स्वामी —
उद्वेग — सूर्य · विलंब, तनाव; शत्रु-चिंता
चर — शुक्र · गमन-यात्रा हेतु उत्तम
लाभ — बुध · व्यापार, धन-अर्जन
अमृत — चंद्र · सर्वश्रेष्ठ; सभी शुभ कार्य
काल — शनि · नाशकारी; कार्य-विलंब
शुभ — गुरु · विवाह, उत्सव, शुभारंभ
रोग — मंगल · विवाद-रोग; परिहार्य
वार-भेद से प्रथम चौघड़िया बदलती है — रवि को उद्वेग, सोम को अमृत, मंगल को रोग, बुध को लाभ, गुरु को शुभ, शुक्र को चर, शनि को काल से आरंभ; तत्पश्चात् ग्रह खल्दी (Chaldean) क्रम — शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र — से आगे बढ़ते हैं। रात्रि की प्रथम चौघड़िया दिवस के प्रथम ग्रह से दो स्थान पीछे होती है।
