दिन और रात्रि के 8-8 खंड — चौघड़िया — यात्रा, व्यापार, कार्यारंभ जैसे दैनिक निर्णयों का लोकप्रिय आधार हैं। यहाँ आज के सभी 16 खंड उनके ग्रह-स्वामी और फल के साथ, आपके नगर के अनुसार।
नगर बदलिए — सारी गणना तुरंत उस स्थान के वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार फिर हो जाती है; इसीलिए राहु काल, चौघड़िया, होरा जैसे दिन-खंड हर शहर में भिन्न दिखते हैं — और यही सही भी है, क्योंकि दिन की लंबाई स्थान-विशेष है। यह उपकरण निःशुल्क और बिना लॉगिन है; इसी सूट के चौघड़िया जैसे अन्य उपकरण भी एक ही परीक्षित खगोलीय इंजन से चलते हैं।
चौघड़िया — यह कैलकुलेटर क्या करता है
दिन के 8 + रात्रि के 8 खंड — आरंभ-अंत समय सहित
प्रत्येक का स्वामी-ग्रह व नाम (अमृत, शुभ, लाभ…)
शुभ/चर/लाभ बनाम रोग/काल/उद्वेग वर्गीकरण
चालू खंड और शेष समय की रीयल-टाइम स्थिति
गणना कैसे काम करती है
सूर्योदय से सूर्यास्त को 8 बराबर भाग — यही दिन-चौघड़िया; सूर्यास्त से अगले सूर्योदय के 8 भाग रात्रि-चौघड़िया। आरंभ-स्वामी वार से तय (सोमवार का दिन चंद्र से अमृत…), फिर सप्ताह-ग्रह क्रम से आगे। खंडों की लंबाई ऋतु-अनुसार बदलती है क्योंकि दिन की लंबाई बदलती है।
शुभ अमृत · शुभ · लाभ · चरअशुभ उद्वेग · काल · रोग
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समय
चौघड़िया
स्वामी
विशेष
सूर्योदय-सूर्यास्त तथा सूर्यास्त-अगली सूर्योदय के आठ-आठ समान भाग · स्वामी-क्रम खल्दी-अनुक्रम (Chaldean)
वार-भेद से प्रथम चौघड़िया बदलती है — रवि को उद्वेग, सोम को अमृत, मंगल को रोग, बुध को लाभ, गुरु को शुभ, शुक्र को चर, शनि को काल से आरंभ; तत्पश्चात् ग्रह खल्दी (Chaldean) क्रम — शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र — से आगे बढ़ते हैं। रात्रि की प्रथम चौघड़िया दिवस के प्रथम ग्रह से दो स्थान पीछे होती है।
परिणाम कैसे समझें
कार्यारंभ शुभ खंडों (अमृत, शुभ, लाभ, चर) में करें; रोग-काल-उद्वेग टालें। रात्रि-चौघड़िया प्रायः अगले दिन की तैयारी के लिए देखा जाता है।
ये मान कैसे निकलते हैं
ग्रह-क्रम व वार-आरंभ तालिकाएँ शास्त्रीय; समय-खंड वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त से — विधि विवरण।
चौघड़िया क्या है और कैसे देखें?
चौघड़िया का अर्थ है — चार घड़ी का समयखंड। प्रत्येक दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक और प्रत्येक रात सूर्यास्त से अगली सुबह तक आठ-आठ चौघड़ियाँ गिनी जाती हैं। हर चौघड़िया का एक स्वामी ग्रह होता है, जिसके नाम पर उसका फल तय होता है — उद्वेग, अमृत, रोग, शुभ, लाभ, चर, काल और सोम या अमृत।
कार्य आरंभ करने के लिए अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़ियाँ श्रेष्ठ मानी जाती हैं। रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया में नए कार्य टाले जाते हैं। ऊपर की तालिका में आज की सभी चौघड़ियाँ उनके समय और फल के साथ दी गई हैं।
चौघड़िया से मुहूर्त चुनने का व्यावहारिक क्रम
सुबह योजना बनाते समय यह क्रम अपनाएँ — पहले राहु काल निकालें (रोज़ का एक बड़ा अशुभ खंड), फिर उसके बाहर शुभ चौघड़ियाँ देखें। यात्रा है तो चर, दुकान/डील है तो लाभ, नया काम है तो अमृत-शुभ। अगर कोई काम टल नहीं सकता और समय रोग/काल चौघड़िया में आ रहा है, तो उसी दिन के रात्रि-चौघड़ियों में विकल्प देखें — रात्रि का स्वामी-क्रम दिन से भिन्न होता है, इसलिए शुभ खंड मिल ही जाता है।
याद रखें कि चौघड़िया "सब्जी-मंडी जाना" जैसे छोटे कामों से लेकर "गहने खरीदने" तक उपयोगी है, पर विवाह, गृह-प्रवेश जैसे संस्कारों में पूरा मुहूर्त-शास्त्र देखा जाता है — चौघड़िया वहाँ केवल एक अंग भर है।
दिन-रात की अवधि क्यों बदलती रहती है?
चौघड़िया "घड़ी" पर आधारित है — एक घड़ी = 24 मिनट। दिन को सूर्योदय-सूर्यास्त के बीच 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है, रात को सूर्यास्त से अगली सुबह तक 8 भागों में। गर्मियों में दिन लंबा होने से दिन की चौघड़ियाँ 1 घंटे 25 मिनट तक खिंच जाती हैं और रात की घटकर 1 घंटे 10 मिनट रह जाती हैं — सर्दियों में इसका उलटा। इसीलिए "सुबह 8 बजे अमृत चौघड़िया" जैसी बात हमेशा के लिए तय नहीं होती; शहर और मौसम दोनों के साथ समय खिसकता है। यही कारण है कि तालिका हर बार आपके चुने शहर और तारीख़ से ताज़ा गणना करके दिखाई जाती है।
सामान्य प्रश्न
सबसे शुभ चौघड़िया कौन-सी है?
अमृत चौघड़िया सर्वश्रेष्ठ है — इसमें आरंभ हुआ कार्य टिकता है और अमर फल देता है, ऐसी मान्यता है। इसके बाद शुभ, लाभ और चर का स्थान आता है। रोग, काल और उद्वेग में शुभ कार्य वर्जित हैं।
चौघड़िया रोज़ बदलती है क्या?
हाँ। चौघड़िया का आरंभ सूर्योदय से होता है और हर चौघड़िये की अवधि दिन-रात की लंबाई पर निर्भर करती है। इसलिए यह शहर और तिथि दोनों के साथ बदलती है — यही कारण है कि अपना शहर चुनकर देखना ज़रूरी है।
सफ़र, व्यापार और दान के लिए कौन-सी चौघड़िया उत्तम है?
परंपरा के अनुसार — चर चौघड़िया यात्रा के लिए, लाभ व्यापार-खरीद के लिए, अमृत और शुभ सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम है। विवाह जैसे बड़े संस्कारों के लिए तो पूरा मुहूर्त देखा जाता है, पर सामान्य कार्यों के लिए चौघड़िया पर्याप्त मार्गदर्शक है।