होली, दीपावली, नवरात्रि, महाशिवरात्रि — प्रमुख त्योहारों की वास्तविक तिथियाँ, पंचांग-नियमों से गिनी हुईं — अखबारी सूची से नहीं।
तिथि बदलकर आगे-पीछे की किसी भी तिथि का परिणाम देखा जा सकता है — गणना हर तिथि के वास्तविक खगोलीय आँकड़ों पर होती है, कोई स्थिर-तालिका नहीं। यह उपकरण निःशुल्क और बिना लॉगिन है; त्योहार कैलेंडर जैसे सूट के अन्य उपकरण भी एक ही परीक्षित इंजन से चलते हैं।
त्योहार कैलेंडर — यह कैलकुलेटर क्या करता है
वर्ष-भर के पर्व — तिथि, वार, मास सहित
प्रत्येक पर्व का अपना नियम (जैसे होलिका = पूर्णिमा)
क्षेत्र-भेद नोट जहाँ लागू
वास्तविक तिथि-सीमा — आधी-तिथि वाले दिनों का समाधान
गणना कैसे काम करती है
प्रत्येक पर्व का परिभाषा-नियम (तिथि + मास + पक्ष + विशेष शर्त) कोड में है; वर्ष की तिथि-शृंखला पर चलाया जाता है। तिथि सीमाओं पर (जैसे पूर्णिमा दो दिन छूती हो) शास्त्र-नियम ही चयन करता है।
गणना सूर्योदय-आधारित · तिथि दो दिन फैलने पर प्रथम दिन दर्शाया गया है · एकादशी नाम पूर्णिमांत परंपरा अनुसार
परिणाम कैसे समझें
क्षेत्रीय भेद (जैसे गुड़ी-पड़वा/युगादि) जहाँ हैं, सूची में नोट हैं। सरकारी अवकाश-तिथियों से भिन्नता हो तो पंचांग-तिथि ही धार्मिक दृष्टि से मानी जाती है।
हिंदू त्योहार चंद्र-सौर पंचांग पर आधारित हैं — दीपावली अमावस्या पर, होली पूर्णिमा पर, नवरात्रि शुक्ल प्रतिपदा से — इसीलिए उनकी ग्रेगोरी तिथि हर साल बदलती रहती है।
इस कैलेंडर में पूरे वर्ष के प्रमुख त्योहार उनकी पंचांग-तिथि के साथ दिए गए हैं। गणना तिथि-स्पर्श के सिद्धांत पर है — अर्थात जिस दिन संबंधित तिथि सूर्योदय से पूर्व तक रहती है, उसी दिन पर्व मनाया जाता है (परंपरा अनुसार)।
सामान्य प्रश्न
त्योहारों की तिथि हर साल क्यों बदलती है?
क्योंकि चंद्र मास सौर वर्ष से छोटा होता है — लगभग 11 दिन। इसी अंतर को अधिक-मास (मलमास) जोड़कर संतुलित किया जाता है, जिससे त्योहार ऋतु के अनुसार ही आते रहते हैं पर ग्रेगोरी तिथि हिलती रहती है।
अधिक-मास (मलमास) क्या है?
जिस सौर-मास में कोई संक्रांति न हो, वह चंद्र-मास अधिक माना जाता है — इसमें शुभ संस्कार नहीं किए जाते, पर भक्ति और दान विशेष फलदायी माने जाते हैं।
क्या सभी परंपराओं में तिथियाँ एक समान हैं?
प्रायः हाँ, पर कुछ स्थानों पर ग्रहण-व्रत-पारण और पर्व की शुरुआत में स्मार्त और वैष्णव परंपराओं में एक दिन का अंतर आ सकता है। यहाँ व्यापक रूप से मान्य स्मार्त गणना दी गई है।