Vedic AstroPack
Authentic Temple Prasad • Free Shipping Above ₹999 • Pure • Sacred • Authentic
✦  GoPixel  ✦

व्रत एवं उपवास

आज, कल और आगे के 90 दिन — हर व्रत की सूचना

आज

आज का व्रत

अगले 90 दिन

आगामी व्रत-त्योहार

जानकारी

प्रमुख व्रतों की विधि

एकादशी व्रत
दशमी के दिन से एक समय (सात्विक भोजन) लें। एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु का पूजन करें, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जपें। रात्रि जागरण एवं द्वादशी के दिन ब्राह्मण/गौ/जलदान कर पारण करें। चौबीस एकादशियों में मोक्षदा, निर्जला, देवशयनी आदि विशेष फलदायी मानी गई हैं।
प्रदोष व्रत
त्रयोदशी के दिन संध्याकाल (प्रदोष काल) में शिव-पार्वती का पूजन करें। व्रती दिन भर निराहार या फलाहार रहकर प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल-दूध-बेलपत्र अर्पित कर 'ॐ नमः शिवाय' का जप करें। सोमवार अथवा शनिवार को पड़ने पर अधिक फलदायी।
संकष्टी चतुर्थी
प्रत्येक कृष्ण चतुर्थी को गणेश जी का पूजन। सांयकाल चंद्रोदय के बाद अथवा रात्रि में दूर्वा, लज्जैत, फल अर्पित कर 'वक्रतुण्ड' मंत्र का जप करें। कठोर व्रती दिनभर निराहार रहते हैं; सामान्य व्रत में फलाहार चलता है।
अमावस्या एवं पितृ तर्पण
अमावस्या के दिन प्रातः स्नान-तर्पण करें। पितरों के नाम जल, तिल, दूध अर्पित करें। भोजन में ब्राह्मण, गौ अथवा पक्षियों को अन्न दान करें। भाद्रपद आश्विन कृष्ण पक्ष (पितृपक्ष) में श्राद्ध कर्म विशेष रूप से किए जाते हैं।
पूर्णिमा व्रत / सत्यनारायण
पूर्णिमा को स्नान-पूजन के साथ सत्यनारायण कथा का श्रवण शुभ माना जाता है। प्रसाद में पंचामृत, सूजी का हलवा व चूरे का बाँट अर्पित करें। चंद्र दर्शन कर अर्घ्य देने का विधान है।