पंचांग-ज्योतिष ज्ञान कोष
पंचांग और ज्योतिष की बातें अक्सर ऐसे शब्दों में कही जाती हैं जो शुरुआती पाठकों के लिए दुर्गम लगती हैं — व्याप्ति, गंडांत, अयनांश, हरिवासर। यह ज्ञान-खंड उन्हीं शब्दों को सरल हिंदी में, उदाहरण और गणना-नियमों के साथ खोलता है। प्रत्येक लेख मूल रूप से हमारी टीम ने शास्त्र-संदर्भों और खगोलीय गणना के आधार पर लिखा है — कहीं से कॉपी नहीं — और प्रत्येक लेख के अंत में संबंधित टूल की कड़ी दी गई है ताकि पढ़कर तुरंत प्रयोग किया जा सके।
सभी लेख
तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण — पंचांग के पाँचों अंग क्या बताते हैं, कैसे गिने जाते हैं और रोज़मर्रा में कैसे पढ़ें — संक्षिप्त और सटीक मार्गदर्शक।
तिथि का गणित — त्योहार खिसकने का असली कारणतिथि कैसे निकलती है, व्याप्ति क्या है, और शहर बदलने पर त्योहार एक दिन खिसकने का वास्तविक कारण — उदाहरण सहित सरल व्याख्या।
27 नक्षत्र — चंद्रमा का आकाशीय मार्गनक्षत्र क्या हैं, 27 खंड कैसे बनते हैं, प्रत्येक का स्वामी-ग्रह कौन, और नामकरण-मुहूर्त-दशा में नक्षत्र की भूमिका — संक्षिप्त मार्गदर्शक।
मुहूर्त-शास्त्र — शुभ क्षण चुनने की पद्धतिशुभ मुहूर्त कैसे चुना जाता है: राहु काल से भद्रा तक दोष-निवारण, तिथि-नक्षत्र मेल, लग्न-बल और मास-चयन — क्रमबद्ध व्याख्या।
एकादशी व्रत — तिथि से पारण तक पूरी विधिएकादशी किस दिन करें, पारण के नियम, हरिवासर क्या है, व्रत-दिन की दिनचर्या और परंपराओं के अंतर — विस्तृत व्यावहारिक मार्गदर्शक।
पंचक और गंडमूल — शास्त्र वास्तव में क्या कहते हैंपंचक के पाँच नक्षत्र, मृत्यु-पंचक और जन्म-पंचक का अंतर, गंडमूल के छह नक्षत्र और गंडांत-पद — शास्त्रीय दृष्टि से शांत, व्यावहारिक व्याख्या।
ग्रहण — विज्ञान और परंपरा, दोनों की भाषाग्रहण कैसे होते हैं, राहु-केतु की परंपरागत कल्पना किस गणित पर है, सूतक-नियम क्यों और कितना, दृश्यता की भूमिका — विज्ञान और विधि दोनों दृष्टियों से।
अयनांश — कुंडली का "शून्य-बिंदु" कैसे तय होता हैअयनांश क्या है, कुंडली में राशि क्यों खिसकती दिखती है, लहरी-सायन दोनों पद्धतियाँ क्यों सही हैं, और भारतीय पंचांग किसे मानता है — स्पष्ट व्याख्या।
अधिक-मास — जब कैलेंडर अपना महीना जोड़ता हैचाँद्र-मास और सौर-वर्ष का अंतर कैसे अधिक-मास से मिलता है, अधिक-मास कब आता है, उसमें क्या करें-क्या न करें, और त्योहार कैसे अपनी ऋतु से नहीं हटते।
दशा और गोचर — समय के दो विमानविंशोत्तरी दशा जीवन का "आंतरिक घड़ी-चक्र" है, गोचर "बाहरी मौसम" — दोनों कैसे चलते हैं, कैसे मिलाए जाते हैं, और फल-पठन की सीमा क्या है।
प्रयोग हेतु टूल
हमारी गणना का आधार
सभी लेखों और टूलों के पीछे एक ही खगोलीय इंजन है — ग्रह-स्थितियाँ सौर-परिवार की वास्तविक गणना से, पंचांग-तत्व शास्त्रीय नियमों से। परीक्षण में इंजन के चयनित आउटपुट सार्वजनिक संदर्भ-स्रोतों — प्रतिष्ठित पंचांग-सेवाओं के प्रकाशित मान (सामान्यतः ±2 मिनट) और नासा के सार्वजनिक ग्रहण-कैटलॉग — से मिलाए जाते हैं। पूरी विधि गणना पद्धति और सत्यापन में; डेवलपर्स हेतु API दस्तावेज़ उपलब्ध है।
